माता जगदंबे के नवरात्र पर्व (Navratri Festival) वर्ष में दो बार आते है एक चैत्र माह में, दूसरा आश्विन माह में। नवरात्र पर्व (Navratri Festival) नौ द…
Read more »सभी एकादशी की एक अलग-अलग महत्व और पूजा विधि हैं. इस दिन भगवान विष्णु जी की मुख्य रूप से पूजा अर्चना की जाती हैं इसीलिए हिन्दू समाज में एकादशी का …
Read more »रावण जन्म जब श्रीराम अयोध्या में राज्य करने लगे तब एक दिन समस्त ऋषि-मुनि श्रीरघुनाथजी का अभिनन्दन करने के लिये अयोध्यापुरी में आये। श्रीरामचन्द्रजी…
Read more »रक्षाबन्धन रक्षाबन्धनभारतीय धर्म संस्कृति के अनुसार रक्षाबन्धनका त्योहार श्रावण माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह त्योहार भाई-बहन को स्नेह की डो…
Read more »चार युगों का वर्णनयुग का अर्थ होता है एक निर्धारित संख्या के वर्षों की काल-अवधि। उदाहरणःसतयुग,त्रेतायुग,द्वापरयुग व कलयुगयुग वर्णन का अर्थ होता है कि…
Read more »छत्तीसगढ़ के दंडकारण्य में गिद्धराज जटायु का मंदिर है। यह वह स्थान है जब सीता का अपहरण कर रावण पुष्पक विमान से लंका जा रहा था, तो सबसे पहले जटायु ने …
Read more »वशिष्ठ वैदिक काल के विख्यात ऋषि थे। वशिष्ठ एक सप्तर्षि हैं - यानि के उन सात ऋषियों में से एक जिन्हें ईश्वर द्वारा सत्य का ज्ञान एक साथ हुआ था और जिन्…
Read more »महर्षि कश्यप ब्रम्हा के मानस पुत्र मरीचि के पुत्र थे. इस प्रकार वे ब्रम्हा के पोते हुए. महर्षि कश्यप ने ब्रम्हा के पुत्र प्रजापति दक्ष की १७ कन्याओं …
Read more »दधीच वैदिक ऋषि थे। इनके जन्म के संबंध में अनेक कथाएँ हैं। यास्क के मतानुसार ये अथर्व के पुत्र हैं। पुराणों में इनकी माता का नाम 'शांति' मिलत…
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